महाभारत उद्धव जी और श्री कृष्णा संवाद
Do you know?? क्या आप जानते हैं? महाभारत मे उद्धव जी और श्री कृष्ण संवाद के बारे में, जय श्री कृष्णा, श्री कृष्णम् वंदे जगत गुरु। एक बार उद्धव जी ने श्री कृष्ण से पूछा,जब द्रौपदी के लगभग सरे वस्त्र हरण होने वाले थे और द्रोपती अपना शील(सम्मान) खो रही थी,तब आपने उसे वस्त्र देकर द्रौपदी के शील को बचाने का दावा किया! लेकिन आप यह दावा कैसे कर सकते हैं? उसे एक आदमी घसीटकर भरी सभा में लाता है, और इतने सारे लोगों के सामने निर्वस्त्र करने के लिए छोड़ देता है! एक महिला का शील (सम्मान) बचा, आपने क्या बचाया? अगर आपने संकट के समय में अपनों की मदद नहीं की तो आपको आपाद-बांधव कैसे कहा जा सकता है? बताईए, आपने संकट के समय में मदद नहीं की तो क्या फायदा? क्या यही धर्म है?" इन प्रश्नों को पूछते-पूछते उद्धव का गला रुँध गया और उनकी आँखों से आँसू बहने लगे। ये अकेले उद्धव के प्रश्न नहीं हैं। महाभारत पढ़ते समय हर एक के मनोमस्तिष्क में ये सवाल उठते हैं! उद्धव ने हम लोगों की ओर से ही श्रीकृष्ण से उक्त प्रश्न किए।और भगवान श्रीकृष्ण मुस्कुराते हुए बोले- "प्रिय उद्धव, यह सृष्टि का नियम है कि विवेकवान ही ...