Do you know?? क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि भगवान गणेश की तस्वीरों और मूर्तियों में उनकी सूंड दाई या कुछ में बाई ओर होती है और कोई मे सीधी सूंड वाले गणेश भगवान भी होते हैं क्या कभी आपने सोचा है ऐसा क्यों अगर नहीं सोचा है तो आइए आपको इसकी पूरी जानकारी आज आपको देते हैं अक्सर श्री गणेश की प्रतिमा लाने से पूर्व या घर में स्थापना से पूर्व यह सवाल सामने आता है कि श्री गणेशजी की कौन सी सूंड वाली प्रतिमा होनी चाहिए जिसकी घर में पूजा की जाए दाईं सूंड या बाईं सूंड यानी किस तरफ सूंड वाले श्री गणेश पूजनीय हैं घर में? आइए जानें वैसे भगवान श्री गणेश सारे रूप में पूज्यनीय है लेकिन कुछ रूपों में भगवान गणेश जी को पूज्य ने योगऔर उनकी विधिवत सेवा करने योग्य याचक ही नहीं रहते जिसके कारण उनकी घर में पूजा कर पाना मुमकिन नहीं है आइए हम जानते हैं घर में पूजा योग मूर्ति कौन सी होती है और मंदिर में पूजा करने वाली मूर्ति कौन सी होती है और घर में और मंदिर में दोनों जगह पूजा योग करने वाली प्रतिमा कौन सी होती है भगवान गणेश जी की विद्वानों का कहना है दाईं सूंड : जिस मूर्ति में सूंड के अ...
आसमान से गिरा करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का पत्थर 11 फरवरी 2020 को राजस्थान के अलवर जिले के शाहजहांपुर पुलिस थाना इलाके के फौलादपुर क्षेत्र में सुबह करीब 5:00 बजे खगोलीय घटना हुई थी। कई लोगों ने देखा कि सुबह अचानक तेज रोशनी के साथ उल्का पिंड को आसमान से जमीन की ओर गिरते हुए देखा था। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। जालोर जिले के सांचोर शहर में शुक्रवार सुबह करीब सवा 6 बजे आसमान से तेज धमाके के साथ बमनुमा आकार उल्का पिंड का हिस्सा गिरने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई थी. आसमान से गिरे इस उल्का पिंड की आवाज इतनी तेज थी कि करीब 2 किलोमीटर के क्षेत्र में धमाका सुनाई दिया गया था. .स्थानीय नागरिक अजमल देवासी के अनुसार, सुबह करीब सवा 6 बजे आसमान से कुछ गिरा, जिसकी आवाज बहुत तेज थी जैसे कोई प्लेन आकर गिरा हो. जबरदस्त धमाका हुआ हालांकि किसी को मालूम भी नहीं चला कि क्या गिरा. आसपास में देखा तो जहां पर जमीन में देखने से खड्डा बना हुआ था.और इसके गिरने से जमीन के उस स्थान में 1 फुट गहरा गड्ढा बन गया थाऐसे में विस्फोटक जैसी वस्तु से भी इनकार नहीं कि...
क्या आप जानते हैं मृत सागर के बारे में? दुनिया का एकमात्र ऐसा सागर है के जिसके पानी में जाके कोई भी इंसान डूबता नहीं है इसका विज्ञानिक कारण है कि पानी का घनत्व 1.2kg/ लीटर है इसके के पानी में दुनिया के बाकी सागर के मुकाबले 8 गुना ज्यादा नमक है इसलिए इसके पानी के अंदर कोई भी मछली अथवा वनस्पति नहीं है! मृत सागर समुद्र तल से 440मीटर नीचे, दुनिया का सबसे निचला बिंदु कहा जाने वाला सागर है। इसे खारे पानी की सब से निचली झील भी कहा जाता है। ६५ किलोमीटर लंबा और १८ किलोमीटर चौड़ा यह सागर अपने उच्च घनत्व के लिए जाना जाता है, जिससे तैराकों का डूबना असंभव होता है। मृत सागर में मुख्यत: जॉर्डन नदी और अन्य छोटी नदियाँ आकर गिरती हैं। इसमें जीवाणुओं की ११ प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त मृत सागर में प्रचुर मात्रा में खनिज पाए जाते हैं। ये खनिज पदार्थ वातावरण के साथ मिल कर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक वातावरण बनाते हैं। मृत सागर अपनी विलक्षणताओं के लिए कम से कम चौथी सदी से जाना जाता रहा है, जब विशेष नावों द्वारा इसकी सतह से शिलाजीत निकालकर मिस्रवासियों को बेचा जाता था। यह चीजों को सड़ने से बचाने,...
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